
क्वार्ट्ज हैलोजन विधि से काँच के किनारों पर होने वाली दरारों को ठीक करना
काँच काटना अक्सर एक कठिन काम लगता है। जब हम काँच पर कटिंग उपकरण से दबाव डालते हैं, तो दरारें हमेशा वहाँ नहीं बनतीं, जहाँ हम चाहते हैं। ऐसे में काँच के किनारे टूट जाते हैं, जिससे काँच खराब हो जाता है।
इस समस्या का समाधान बहुत ही सरल है – कटिंग उपकरण के उपयोग से पहले ही काँच को गर्म कर देना चाहिए। हम इस काम के लिए क्वार्ट्ज हैलोजन लैंपों का उपयोग करते हैं।
गर्मी का क्या फायदा है?
क्वार्ट्ज हैलोजन लैंप, शॉर्ट-वेव इंफ्रारेड विकिरण का उपयोग करते हैं। इससे काँच की सतह नरम हो जाती है, और दरारें सीधी रेखा में ही बनती हैं। इससे काँच के किनारे टूटने की समस्या नहीं रह जाती।
उपकरण एवं सावधानियाँ
हम उच्च शुद्धता वाले क्वार्ट्ज लैंपों का ही उपयोग करते हैं, क्योंकि इनमें मौजूद टंगस्टन फिलामेंट बहुत ही गर्म हो जाते हैं। ऐसे लैंपों का उपयोग करने से काँच तुरंत ही गर्म हो जाता है। लेकिन सावधान रहना आवश्यक है… अगर काँच पर बहुत अधिक गर्मी लग जाए, तो काँच टूट सकता है। इससे बचने हेतु गर्मी को धीरे-धीरे ही बढ़ाना आवश्यक है।
फर्श पर इसका उपयोग
आमतौर पर, ऐसे लैंपों को कन्वेयर बेल्ट के ऊपर ही लगाया जाता है। जैसे ही काँच कन्वेयर बेल्ट से गुजरता है, वह तुरंत ही गर्म हो जाता है। ऐसे में आप अपनी लाइन की गति के आधार पर ही गर्मी को नियंत्रित कर सकते हैं।
अंतिम सलाह
ऐसे लैंपों से बहुत ही अधिक गर्मी निकलती है… अगर इनके ठंडक व्यवस्था ठीक से न की जाए, तो कंट्रोल उपकरण खराब हो सकते हैं। इसलिए इन लैंपों को ठंडा रखना आवश्यक है… वरना आपको बार-बार उपकरण बदलने पड़ेंगे।